रायपुर/ओसाका । जापान के ओसाका शहर में चल रहे EXPO 2025 Japan में भारत और विशेषकर छत्तीसगढ़ का प्रदर्शन वैश्विक दर्शकों को आकर्षित कर रहा है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को यहां लगाए गए छत्तीसगढ़ पैवेलियन का अवलोकन किया और कहा कि यह न केवल राज्य की समृद्ध संस्कृति और औद्योगिक प्रगति की झलक प्रस्तुत करता है, बल्कि छत्तीसगढ़ को वैश्विक साझेदारियों का केंद्र बनाने की दिशा में राज्य के नए विज़न को भी मजबूत करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह देखकर अत्यंत प्रसन्नता होती है कि हजारों किलोमीटर दूर बसे जापानी नागरिक और अंतरराष्ट्रीय आगंतुक छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर, लोककला, प्राकृतिक सौंदर्य और औद्योगिक उपलब्धियों को निकट से जान रहे हैं। उन्होंने इसे राज्य की ‘ग्लोबल कनेक्ट’ यात्रा का हिस्सा बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की नई पीढ़ी और उद्योग जगत के लिए यह मंच अंतरराष्ट्रीय अवसरों के द्वार खोलेगा।
छत्तीसगढ़ पैवेलियन: संस्कृति और आधुनिकता का संगम
EXPO 2025 में छत्तीसगढ़ पैवेलियन को बेहद आकर्षक ढंग से सजाया गया है। यहां जनजातीय कला, हस्तशिल्प, प्राचीन परंपराएं, पारिस्थितिक पर्यटन की संभावना और आधुनिक उद्योगों का संतुलित मिश्रण पेश किया गया है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा –
“छत्तीसगढ़ पैवेलियन यह संदेश देता है कि हम परंपरा और आधुनिकता दोनों को साथ लेकर चलते हैं। यहां आने वाला हर दर्शक हमारी समृद्ध धरोहर और उद्योगों की बढ़ती संभावनाओं से रूबरू हो रहा है।”
मुख्यमंत्री ने आगंतुकों को छत्तीसगढ़ का सांस्कृतिक हृदय समझाते हुए बताया कि कैसे यह राज्य खनिज संपदा और औद्योगिक क्षमता से समृद्ध होने के साथ-साथ, बस्तर के आदिवासी त्योहारों, हातबाजार की संस्कृति और हरियाली से आच्छादित जंगलों की पहचान भी रखता है। उन्होंने विदेशी मेहमानों को छत्तीसगढ़ आने और निवेश एवं पर्यटन की संभावनाओं का अनुभव करने का आमंत्रण भी दिया।
भारत पैवेलियन: विज्ञान, नवाचार और परंपराओं की झलक
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारत पैवेलियन का भी विस्तृत अवलोकन किया। भारत के स्टॉल का मुख्य आकर्षण देश की वैज्ञानिक उपलब्धियां और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर रही। यहां अंतरिक्ष अनुसंधान, आधुनिक रेलवे नेटवर्क, डिजिटल क्रांति और सतत विकास की पहल एक ओर दर्शकों को भविष्य का भारत दिखाती हैं, तो दूसरी ओर बोधिवृक्ष की ज्ञानपरंपरा, योग, आयुर्वेद और विविध सांस्कृतिक रंगों से परंपरागत भारत सामने आता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत अपने नवाचार और ज्ञान परंपरा को वैश्विक मंच पर अद्वितीय ढंग से प्रस्तुत कर रहा है। उन्होंने विशेष रूप से यह उल्लेख किया कि अंतरिक्ष से लेकर आधुनिक रेलवे तक की प्रगति और योग से लेकर बौद्ध दर्शन तक की आध्यात्मिक परंपरा, भारत को विश्व में एक अद्वितीय पहचान दिलाती है। “विश्व मंच पर भारत को चमकते देखना हर भारतीय के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण है,” उन्होंने भावुक स्वर में कहा।
फ्यूचर सिटी पैवेलियन: आने वाले कल की झलक
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ओसाका में लगे Future City Pavilion में भी समय बिताया। यहां प्रस्तुत प्रदर्शनी ने उन्हें विशेष रूप से प्रभावित किया। उन्होंने बताया कि यह पैवेलियन भविष्य की उन तकनीकों पर केंद्रित है, जो मानव जीवन और धरती को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती हैं।
उन्होंने कहा –
“फ्यूचर सिटी पैवेलियन में दिखाया गया स्वरूप यह दर्शाता है कि आने वाला समय कृषि को और स्मार्ट बनाएगा, ऊर्जा को और स्वच्छ बनाएगा, स्वास्थ्य सेवाओं को सरल बनाएगा और जीवन को ज्यादा सहज एवं मानवीय बनाएगा। यह केवल तकनीक नहीं, बल्कि मानव सभ्यता की नई सोच है।”
इस पैवेलियन में नवीकरणीय ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्मार्ट कृषि, हाइड्रोजन और सौर-आधारित ऊर्जा स्रोतों, स्वास्थ्य देखभाल के अत्याधुनिक मॉडल और डिजिटल समाज की परिकल्पना जैसे विषय शामिल थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे ‘भविष्य की मानव सभ्यता’ का मार्गदर्शन बताया।
वैश्विक साझेदारियों की दिशा में छत्तीसगढ़ का संकल्प
अपने अवलोकन के दौरान मुख्यमंत्री ने बार-बार यह रेखांकित किया कि छत्तीसगढ़ केवल भारत में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए औद्योगिक, सांस्कृतिक और निवेश के लिहाज से महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी राज्य की उस दिशा को मजबूत करती है, जहां हम कृषि, ऊर्जा, उद्योग और पर्यटन के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर नई साझेदारियां करेंगे।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के विज़न के अनुरूप छत्तीसगढ़ राज्य भी नई संभावनाओं की पहचान कर रहा है और वैश्विक निवेशकों व साझेदारों को सक्रिय रूप से आमंत्रित कर रहा है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ता नजरिया
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का यह विदेश दौरा साबित करता है कि छत्तीसगढ़ अब केवल देश के भीतर की पहचान तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि वह वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका को विस्तार देने को तैयार है। EXPO 2025 Japan में छत्तीसगढ़ और भारत की उपस्थिति यह दिखाती है कि परंपराओं और संस्कृति की मजबूती के साथ-साथ, हमें तकनीक, औद्योगिक विकास और टिकाऊ भविष्य की दिशा में भी अग्रसर होना है।
मुख्यमंत्री के शब्दों में –
“हम विश्व को इस यात्रा में साझीदार बनने के लिए आमंत्रित करते हैं। यह यात्रा केवल छत्तीसगढ़ या भारत की नहीं, बल्कि मानवता और धरती को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की एक साझा कोशिश है।”










