छत्तीसगढ़

योग से रोजगार की राह: सांसद बृजमोहन ने संसद में दिलाई छत्तीसगढ़ के युवाओं को आवाज

नई दिल्ली/रायपुर : रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने आज लोकसभा में युवाओं के कौशल विकास और रोजगार से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठाते हुए कहा कि “योग न केवल भारत की प्राचीन संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है, बल्कि आज यह स्वास्थ्य, फिटनेस और वेलनेस इंडस्ट्री में नए अवसर भी पैदा कर रहा है। ऐसे में छत्तीसगढ़ के युवाओं को विशेष रूप से प्रशिक्षित कर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना केंद्र सरकार की प्राथमिकता है।”

सांसद अग्रवाल ने केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्री से जानकारी मांगी कि, योग कौशल के लिए सरकार द्वारा कितने पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, उनकी अवधि कितनी है, वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 में अब तक कितने लाभार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया है, प्रशिक्षित युवाओं की राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्लेसमेंट की स्थिति क्या है और रोजगार उपलब्ध कराने हेतु सरकार द्वारा कौन-सी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।

इस पर जवाब देते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY), राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना (NAPS), शिल्पकार प्रशिक्षण योजना (CTS) और जन शिक्षण संस्थानों (JSS) के माध्यम से ‘योग अनुदेशक’, ‘योग प्रशिक्षक’ और ‘सहायक योग अनुदेशक’ जैसे पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जिनकी अवधि 200 से 500 घंटे (लगभग 3 से 6 माह) तक है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2023-24 में मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान से 3018 लाभार्थी और वर्ष 2024-25 में अब तक 3006 लाभार्थी प्रशिक्षित हुए हैं। छत्तीसगढ़ में पीएमकेवीवाई के तहत इस दौरान 291 उम्मीदवारों को योग प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।

इसके अतिरिक्त, सीटीएस के अंतर्गत ‘कॉस्मेटोलॉजी’ और ‘स्पा थेरेपी’ जैसे ट्रेडों में दीर्घकालिक प्रशिक्षण उपलब्ध है, जबकि एनएपीएस के अंतर्गत विभिन्न प्रतिष्ठानों द्वारा ‘योग अनुदेशक (ब्यूटी एंड वेलनेस)’ और ‘योग प्रशिक्षक (स्पोर्ट्स)’ जैसे ट्रेडों में शिक्षुओं को नियुक्त किया जाता है।

केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि प्रशिक्षित छात्रों को रोजगार से जोड़ने के लिए स्किल इंडिया डिजिटल हब (SIDH) पोर्टल विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से उम्मीदवार सीधे नियोक्ताओं से जुड़ सकते हैं। साथ ही प्रधानमंत्री राष्ट्रीय शिक्षुता मेले (PMNAM) जैसे कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है।

सांसद अग्रवाल ने विश्वास व्यक्त किया कि “केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ में योग और वेलनेस सेक्टर में अधिक से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें स्वरोजगार और रोजगार से जोड़ा जाएगा। यह प्रदेश के युवाओं के लिए स्वास्थ्य और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा अवसर है।”

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