छत्तीसगढ़

राजस्व अभिलेखों में जिस अधिकारी के लॉगिन से त्रुटिपूर्ण प्रविष्ठि होगी, उस पर होगी कड़ी कार्रवाई : मुख्यमंत्री साय

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राजस्व अभिलेखों में त्रुटि के लिए संबंधित अधिकारी या कर्मचारी जिम्मेदार माने जाएंगे। यदि किसी अधिकारी के लॉगिन से गलत प्रविष्टि हुई है, तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने रायगढ़ में सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित समीक्षा बैठक में यह स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि लोगों की ज़मीन, खेती, या अन्य दस्तावेजों में त्रुटि की वजह से जनता का प्रशासन पर से भरोसा न टूटे, इसके लिए जरूरी है कि राजस्व प्रणाली को जवाबदेह बनाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि त्रुटि सुधार कार्य पर राजस्व अधिकारी विशेष निगरानी रखें।

सीएम साय का सिमगा में ढाबा दौरा: आमजन से आत्मीय संवाद

बैठक में मुख्यमंत्री ने लात नाला सिंचाई परियोजना के लंबे समय से अधूरे होने पर नाराजगी जताते हुए इसे शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही अटल सिंचाई योजना के तहत लंबित सभी परियोजनाओं को प्राथमिकता से पूर्ण करने को कहा। गोमर्डा अभ्यारण्य क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 26 गांवों में भूमि रजिस्ट्री पर लगे प्रतिबंध को हटाने का निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिया।

मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों से ग्रामीण क्षेत्रों का नियमित दौरा करने को कहा ताकि छोटी समस्याओं का तत्काल समाधान हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब जिले छोटे हो गए हैं, ऐसे में अधिकारी समय निकालकर अधिक से अधिक गांवों में पहुंचें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसानों को खाद-बीज उठाने में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। डीएपी की संभावित कमी को देखते हुए वैकल्पिक उपायों पर किसानों को जानकारी दी जाए। उन्होंने फसल चक्र परिवर्तन के लिए भी किसानों को प्रेरित करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने मानसून पूर्व तैयारियों की चर्चा करते हुए सर्पदंश से निपटने के लिए अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में एंटीवेनम दवाएं रखने के निर्देश दिए। रायगढ़ नगर निगम क्षेत्र में डेंगू व पीलिया जैसी बीमारियों को रोकने के लिए नगर निगम एवं प्रशासन को सजग रहने कहा। मुख्यमंत्री ने मैदानी जिलों में अवैध शराब की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने ओडिशा से लगते सीमावर्ती इलाकों में शराब की अवैध आवाजाही रोकने विशेष निगरानी की आवश्यकता बताई।

बैठक में रेशम उत्पादन, भू-जल स्तर में सुधार, पर्यटन विकास, सड़क मरम्मत और जन औषधि केंद्रों के प्रचार-प्रसार जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी जनप्रतिनिधि और अधिकारी जनता के सेवक हैं और जनकल्याण ही हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

बैठक में कृषि मंत्री राम विचार नेताम, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष शिखा रविन्द्र गबेल, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी.दयानंद, संभाग आयुक्त सुनील जैन, आईजी संजीव शुक्ला, सीसीएफ प्रभात मिश्रा सहित सारंगढ़ और रायगढ़ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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