छत्तीसगढ़

Chhattisgarh : नियद नेल्लानार योजना: सुदूरवर्ती ग्रामों के विकास के लिए वरदान

प्रदेश के पांच जिला सुकमा, बीजापुर, दंतेवाडा, नारायणपुर और कांकेर में किया जा रहा है योजना का क्रियान्वयन

रायपुर : Chhattisgarh मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर माओवाद से प्रभावित इलाकों में नागरिकों को मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने तथा समाज की मुख्य धारा में लाने के लिए शुरू की गई नियद नेल्लानार योजना “आपका आदर्श ग्राम” से लोगों को काफी सहूलियत मिल रही है। प्रदेश के पांच जिलें सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और कांकेर में स्थापित सुरक्षा कैम्पों के आसपास के पांच किलोमीटर की परिधि में ग्रामीणों को राज्य और केन्द्र शासन द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है।

आदिम जाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक विकास मंत्री रामविचार नेताम ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार की महत्वकांक्षी नियद नेल्लानार योजना का शत्-प्रतिशत क्रियान्वयन करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। मंत्री नेताम ने कहा है कि प्रदेश के सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत जनसंख्या को सभी मूलभूत सुविधाएं दिलाने एवं उन्हें राष्ट्र की मुख्यधारा में जोड़ने में नियद नेल्लानार योजना एक वरदान साबित होगी।

नियद नेल्लानार से तात्पर्य “आपका आदर्श ग्राम” है अर्थात् ऐसा ग्राम जहां पर निवासरत जनसंख्या को सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा चुकी हैं और अब वह अन्य क्षेत्रों की तरह विकास के पथ पर आगे बढ़ने को अग्रसर है। Chhattisgarh 

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा भी था ‘‘कि यदि देश का विकास करना है, तो सर्वप्रथम ग्रामों को विकास करना होगा’’। इसी बात को ध्यान में रखकर प्रदेश के 5 जिलों क्रमशः सुकमा, बीजापुर, दंतेवाडा, नारायणपुर एवं कांकेर में नियद नेल्लानार योजना क्रियान्वित की जा रही है, जिसमें इन जिलों के कुल 8 विकासखंडो में 23 सुरक्षा कैंपों के आसपास के 90 ग्रामों का विकास किया जा रहा है। इन सुरक्षा कैंपो के 5 किलोमीटर की परिधि में आने वाले ग्रामों में विभिन्न विभागों की योजनाएं संचालित कर इन ग्रामांे में मूलभूत सुविधाओं और शासन द्वारा संचालित व्यक्तिमूलक योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।

योजना के तहत प्रथम चरण में चिन्हांकित विकासखंडों में स्थापित कैंपो के अंतर्गत शामिल ग्रामों में विभाग द्वारा दो गतिविधियों वन अधिकार सेचुरेशन एवं जिला-ब्लॉक स्तर पर आवासीय विद्यालय की स्थापना का कार्य किया जा रहा हैै। वनाधिकार सेचुरेशन के अंतर्गत योजना में लक्षित क्षेत्रों में व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वनाधिकार पत्र वितरण सुनिश्चित करने की दिशा में अब तक कुल 595 व्यक्तिगत, 178 सामुदायिक एवं 40 सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र वितरित किये जा चुके हैं। इसके अलावा विशेष अभियान चलाकर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही योजना के लाभ से वंचित ना रहे।

नियद नेल्लार योजना अंतर्गत शामिल ग्रामों के विद्यार्थियों हेतु गुणवत्तापरक शिक्षा उपलब्ध कराने की दृष्टि से जिला-ब्लॉक में स्थापित आवासीय विद्यालय एवं आवश्यकतानुसार नए आवासीय विद्यालय स्थापित कर विद्यार्थियों का प्रवेश सुनिश्चित करना विभाग की इस योजना अंतर्गत एक प्रमुख दायित्व है। वर्तमान में लक्षित जिलांे में कुल 79 प्री मैट्रिक छात्रावास, 20 पोस्ट मैट्रिक छात्रावास, 249 आश्रम व 8 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस) मौजूद हैं। सर्वे अनुसार योजना अंतर्गत क्षेत्रों में विभिन्न स्तर पर लगभग 5866 शाला जाने योग्य विद्यार्थी हैं, जिनमें से 4510 (76 प्रतिशत) वर्तमान में विभिन्न संस्थाओं में अध्यनरत हैं।

नियद नेल्लानार योजना के तहत शालाओं में प्रवेश संख्या बढाने की दिशा में विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया गया, जिसमें लक्षित ग्रामों के बच्चों और पालकांे को शिक्षा के प्रति जागरूक करते हुए ईएमआरएस शालाओं में प्रवेश हेतु कोचिंग सुविधा प्रदान की गयी। इसके अलावा बच्चों की संख्या को देखते हुए प्रथम चरण में कुल 24 नए आवासीय विधालयों की स्थापना का प्रस्ताव भी है। Chhattisgarh 

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