छत्तीसगढ़

बस्तर का गौरव हैं अविनाश तिवारी, जापान में मुख्यमंत्री से मिले तो हुई आत्मीय वार्तालाप

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल की धरती केवल प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक वैभव के लिए ही प्रसिद्ध नहीं है, बल्कि यहाँ के बेटे-बेटियाँ अपनी प्रतिभा और मेहनत से विश्व पटल पर भी अपनी पहचान बना रहे हैं। इसी गौरवशाली यात्रा के उज्ज्वल सितारे हैं – अविनाश तिवारी।

तोकापाल, बस्तर के निवासी और नवोदय विद्यालय, बारसूर, दंतेवाड़ा के पूर्व छात्र रहे अविनाश तिवारी जी ने अपनी अदम्य लगन, निरंतर परिश्रम और दूरदृष्टि से जीवन में वह मुकाम हासिल किया है, जिसका सपना कई युवा देखते हैं। आज वे जापान की प्रतिष्ठित Boys & Moores International Company में Board of Director के पद पर कार्यरत हैं। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत समर्पण का प्रमाण है, बल्कि बस्तर और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए भी गौरव का विषय है।

जापान के टोक्यो प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उनसे हुई मुलाक़ात अत्यंत प्रेरणादायक रही। मुख्यमंत्री कहते हैं कि बातचीत के दौरान यह साफ महसूस हुआ कि अविनाश जी कितनी गहराई से अपनी जड़ों से जुड़े हुए हैं। विदेश में वर्षों तक काम करने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सफलता हासिल करने के बावजूद उनके हृदय में बस्तर की मिट्टी की महक आज भी जीवित है। उनका यह व्यक्तित्व इस बात का प्रत्यक्ष उदाहरण है कि चाहे हम कितनी भी दूर चले जाएँ, अपनी मातृभूमि का प्रेम और जिम्मेदारी हमेशा साथ रहती है।

साझा किए जीवन यात्रा के अनुभव

इस मुलाक़ात का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि अविनाश जी ने बड़े उत्साह और आत्मीयता के साथ अपनी जीवन यात्रा के अनुभव साझा किए। उन्होंने स्कूली शिक्षा से लेकर अंतरराष्ट्रीय कॉरपोरेट जगत तक की कहानी सुनाते हुए युवाओं को यह संदेश दिया कि अगर दिशा स्पष्ट हो, कठोर परिश्रम और धैर्य का साथ हो, तो कोई भी मंजिल असंभव नहीं है।

साथ ही, उन्होंने छत्तीसगढ़ में उद्योग निवेश की संभावनाओं पर भी गहन चर्चा की। उनका मानना है कि बस्तर सहित पूरा राज्य औद्योगिक विकास की दृष्टि से अत्यधिक समृद्ध है। यहाँ की खनिज संपदा, मानव संसाधन और प्राकृतिक संसाधन निवेशकों को आकर्षित कर सकते हैं। यदि सही रणनीति और स्वच्छ नीतियाँ अपनाई जाएँ, तो आने वाले समय में छत्तीसगढ़ न केवल कृषि व वनउत्पाद में, बल्कि उद्योग और व्यापार में भी अग्रणी बन सकता है।

अविनाश जी जैसे व्यक्तित्व हमारे युवाओं के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं। वे यह सिखाते हैं कि बड़े सपने देखने से ही नहीं, बल्कि उन्हें साकार करने के लिए कठिन परिश्रम और साहसिक निर्णय लेने से ही सफलता मिलती है। साथ ही, उन्होंने यह भी दिखाया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करते हुए भी अपने गाँव, समाज और प्रदेश के प्रति जिम्मेदारी और लगाव बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है।

हम सभी के लिए गर्व का क्षण

आज जब बस्तर का यह सपूत दुनिया के एक विकसित राष्ट्र जापान में अपने कार्य और नेतृत्व क्षमता से छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर रहा है, तो यह हम सभी के लिए गर्व का क्षण है। ऐसे प्रेरक व्यक्तित्व इस संदेश को सशक्त बनाते हैं कि छत्तीसगढ़ की धरती प्रतिभा की खान है, और यदि अवसर तथा संकल्प मिले, तो यहाँ का प्रत्येक युवा वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button