आदि परब “परम्परा से पहचान तक” का भव्य आयोजन 13 मार्च से, आदि रंग, आदि परिधान, आदि हाट और आदि व्यंजन के साथ होंगे विविध सांस्कृतिक आयोजन

रायपुर : नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में 13 और 14 मार्च को “आदि परब – परम्परा से पहचान तक” का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन आदिम जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास विभाग द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जिसमें जनजातीय समाज की समृद्ध कला, संस्कृति और परम्पराओं की झलक देखने को मिलेगी।
यह भी पढ़े :- खिलखिलाती मुस्कान की नई इबारत लिख रहा बस्तर के वनांचल से नन्हा विक्रम
आदिम जाति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जनजातीय समाज की रचनात्मकता, जीवन-दर्शन और सांस्कृतिक विरासत को एक सशक्त मंच प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा आदि परब 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में जनजातीय संस्कृति के विभिन्न आयामों को प्रदर्शित किया जाएगा।
आदि रंग में दिखेगी जनजातीय कला की झलक
आयोजन के अंतर्गत “आदि रंग” के माध्यम से जनजातीय चित्रकारों द्वारा तैयार की गई आकर्षक कलाकृतियों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसमें पारंपरिक शैली में बनाए गए चित्रों के माध्यम से जनजातीय जीवन और संस्कृति की अभिव्यक्ति देखने को मिलेगी।
आदि परिधान में आकर्षक वेशभूषा प्रस्तुतियां
“आदि परिधान” कार्यक्रम में जनजातीय वेशभूषा पर आधारित विशेष प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी, जिसमें विभिन्न जनजातियों की पारंपरिक पोशाकों और उनकी विशिष्टताओं को प्रदर्शित किया जाएगा।
सेमीनार में जनजातीय विषयों पर चर्चा
“आदि आख्यान” के अंतर्गत जनजातीय इतिहास, संस्कृति और समकालीन मुद्दों पर आधारित सेमीनार आयोजित किए जाएंगे, जिनमें विशेषज्ञ और विद्वान अपने विचार साझा करेंगे।
आदि हाट में मिलेगा पारंपरिक हस्तशिल्प
“आदि हाट” में जनजातीय शिल्पकारों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पादों और स्थानीय कला वस्तुओं की प्रदर्शनी एवं बिक्री की व्यवस्था रहेगी। इसके साथ ही आदि व्यंजन के माध्यम से जनजातीय पारंपरिक भोजन का स्वाद भी लोगों को चखने का अवसर मिलेगा।
सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे आकर्षण का केंद्र
दो दिवसीय आयोजन के दौरान जनजातीय संस्कृति और परम्पराओं पर आधारित विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जो इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण होंगे।
यह आयोजन जनजातीय समाज की पहचान, परम्पराओं और सांस्कृतिक विरासत को व्यापक मंच प्रदान करने के साथ-साथ आम लोगों को भी जनजातीय जीवन शैली से परिचित कराएगा।



