विकसित भारत @2047 का शुभंकर बनेगा छत्तीसगढ़ : अमित शाह
छत्तीसगढ़ @25 : ‘शिफ्टिंग द लेंस’ कार्यक्रम में विचारधारा, विकास और माओवाद पर ऐतिहासिक संबोधन

रायपुर : छत्तीसगढ़ अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण कर विकसित भारत @2047 की दिशा में एक मजबूत स्तंभ बनकर उभर रहा है। छत्तीसगढ़ @25 : शिफ्टिंग द लेंस कार्यक्रम में शामिल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ न केवल स्वयं विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है, बल्कि आने वाले भारत के लिए शुभंकर सिद्ध होगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, प्रफुल्ल केतकर, विनीत कुमार गर्ग, पूर्णेंदु सक्सेना सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, बुद्धिजीवी और पत्रकार उपस्थित रहे।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जब छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड के लिए राज्य गठन के आंदोलन हो रहे थे, तब यह तर्क दिया जाता था कि छोटे राज्य कैसे टिक पाएंगे, कैसे राजस्व जुटाएंगे और कैसे सक्षम नेतृत्व मिलेगा। लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने छोटे राज्यों को जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति का माध्यम माना और छत्तीसगढ़, झारखंड व उत्तराखंड के गठन का ऐतिहासिक निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि संयुक्त मध्यप्रदेश की भौगोलिक और प्रशासनिक सीमाओं के कारण छत्तीसगढ़ की अपेक्षाएं पूरी नहीं हो पा रही थीं, जिसे राज्य गठन ने दूर किया।
अमित शाह ने कहा कि राजनीति केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह विचारधारा से संचालित होती है। विचारधारा ही शासन को दिशा देती है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के नेतृत्व में बने राज्यों में आज परस्पर सहयोग और समन्वय दिखाई देता है, जबकि आंध्र प्रदेश–तेलंगाना विभाजन का उदाहरण यह दर्शाता है कि विचारधारा के बिना किए गए प्रशासनिक निर्णयों से वर्षों तक विवाद और कटुता बनी रहती है।
उन्होंने कहा कि कभी जिन राज्यों को बीमारू कहा जाता था, आज वही राज्य विकास की मुख्यधारा में आगे बढ़ रहे हैं। बीमारू कोई गुणात्मक शब्द नहीं था, बल्कि बिहार, मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तरप्रदेश का संक्षिप्त रूप था। छत्तीसगढ़ 25 वर्षों में बीमारू छवि से निकलकर विकसित राज्य बनने की कगार पर खड़ा है और इसका प्रमुख कारण हमारी सरकार की विचारधारा आधारित शासन व्यवस्था है।
केंद्रीय गृह मंत्री ने छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि राज्य का वार्षिक बजट 30 गुना बढ़ा है, प्रति व्यक्ति आय में 17 गुना और जीएसडीपी में 25 गुना वृद्धि हुई है। राज्य के सभी 16 प्रमुख विकास संकेतकों में औसतन 20 गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कृषि क्षेत्र में सिंचाई क्षमता दोगुनी हुई है, खरीफ फसल उत्पादन तीन गुना और रबी फसल उत्पादन छह गुना बढ़ा है।
स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में हुए सुधारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि जिला अस्पतालों की संख्या 7 से बढ़कर 30 हो गई है, मेडिकल कॉलेज 1 से बढ़कर 16 हो चुके हैं। कुपोषण से मृत्यु दर 61 से घटकर 15, मातृ मृत्यु दर 365 से घटकर 146 और शिशु मृत्यु दर 79 से घटकर 37 हो गई है। साक्षरता दर 65 प्रतिशत से बढ़कर 80 प्रतिशत हो चुकी है। एकलव्य आवासीय विद्यालयों की संख्या शून्य से बढ़कर 75 हो गई है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई में दो गुना वृद्धि हुई है, जबकि निवेश में 300 गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट सहित प्रमुख खनिज उत्पादन में छत्तीसगढ़ देश के शीर्ष 1 से 5 राज्यों में शामिल है। राज्य की आर्थिक विकास दर 7 प्रतिशत से अधिक बनी हुई है, जो छत्तीसगढ़ जैसे राज्य के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि है।
माओवाद पर स्पष्ट रुख रखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि यह न तो विकास की कमी की समस्या है और न ही केवल कानून-व्यवस्था का विषय, बल्कि यह एक विनाशकारी विचारधारा की उपज है। उन्होंने कहा कि यदि बस्तर माओवाद से ग्रसित न होता, तो आज वह देश का सबसे विकसित जिला होता। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले 10 वर्षों में बस्तर विकास का नया मॉडल बनेगा।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार किसी पर गोली नहीं चलाना चाहती। जो माओवादी हथियार छोड़कर मुख्यधारा में आएंगे, उनका रेड कार्पेट बिछाकर स्वागत किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि 31 मार्च 2026 से पहले देश से माओवाद को जड़ से समाप्त कर दिया जाएगा। बस्तर क्षेत्र में 7 लाख हेक्टेयर सिंचाई परियोजना शुरू की जा रही है, जिससे आदिवासी अंचलों में विकास को नई गति मिलेगी ।
इस अवसर पर प्रफुल्ल केतकर की ‘शिफ्टिंग द लेंस’ पुस्तक का विमोचन किया गया। पुस्तक में छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की विकास यात्रा को विचारधारा और सुशासन के परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत किया गया है। अपने संबोधन के अंत में केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ आने वाले 25 वर्षों में दोगुनी गति से आगे बढ़ेगा और विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को हासिल करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।



