पत्रकार मुकेश हत्याकांड : ठेकेदार सुरेश चंद्राकर के कई ठेके निरस्त, PWD विभाग ने रद्द किया लाइसेंस
रायपुर : लोक निर्माण विभाग ने बीजापुर के ठेकेदार सुरेश चन्द्राकर का पंजीयन तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उसे दिए गए सभी कार्य निरस्त कर दिए हैं। बस्तर परिक्षेत्र जगदलपुर के विभागीय मुख्य अभियंता की अनुशंसा पर प्रमुख अभियंता कार्यालय द्वारा सुरेश चंद्राकर का पंजीयन निलंबित किया गया है।
मुख्य अभियंता द्वारा लोक निर्माण विभाग में पंजीकृत सुरेश चंद्राकर “अ” वर्ग ठेकेदार, बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड के मुख्य आरोपी के रूप में समाचार पत्रों में प्रकाशित किए जाने तथा गिरफ्तार किए जाने के कारण उसके पंजीयन को निलंबित किए जाने की अनुशंसा की गई थी।
मुख्य अभियंता की अनुशंसा को दृष्टिगत रखते हुए विभाग ने सुरेश चंद्राकर का पंजीयन तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं सुरेश चंद्राकर को दिए गए सड़क निर्माण के कार्यों को लंबे समय तक बंद पाए जाने तथा कार्यों की धीमी गति के कारण उसे दिए गए सभी कार्यों को निरस्त कर दिया गया है।
इसके पहले सुरेश चंद्राकर के खिलाफ जीएसटी ने ठेकेदार सुरेश चंद्राकर की फर्म पर छापामार कार्रवाई के दौरान 2 करोड़ की टैक्स चोरी का खुलासा किया है।इस मामले में वाणिज्यिक कर विभाग विस्तृत जांच कर रही है। राज्य वाणिज्यिक कर विभाग ने बीजापुर जिले में स्थित सड़क निर्माण करने वाली फर्म मेसर्स सुरेश चंद्राकर के परिसरों का 27 दिसंबर को निरीक्षण किया था।प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि फर्म ने विगत वित्तीय वर्षों में 2 करोड़ से अधिक की अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा किया है।ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कड़े निर्देश के बाद आरोपित ठेकेदार सुरेश चंद्राकर के द्वारा किए गए अवैध निर्माण को जमींदोज किया गया है।सुरेश चंद्राकर की संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच करने के साथ उसके तीन बैंक खातों को होल्ड कराया गया है।
पुलिस ने अरेस्ट किए आरोपी
हत्या के पहले ही तीन अन्य आरोपी को 4 जनवरी को गिरफ्तार किया जा चुका है. गिरफ्तार आरोपियों में मुकेश के चचेरे भाई दिनेश और रितेश चंद्राकर, और सुपरवाइजर महेंद्र रामटेके का नाम शामिल है. जांच में पता चला कि हत्या पूरी तरह से प्लानिंग के साथ की गई थी.



